सुभा सुभा उत् थे हैं तो उन्हें देखना, सुन्ना पसंद करते हैं

सुभा सुभा उत् थे हैं तो उन्हें देखना, सुन्ना पसंद करते हैं

तुमसे नहीं हुई बात तो ये दिन बेजान सा लगता है…

खून का हर एक कतरा जो इन्सानी शरीर को जरुरत होता है

तम्हरे साथ बीते हुए हर एक लम्बा मुझे अच्छा महसूस होता है….

किस्मत रूठ गई दिल के तार टूट गई

वो भी रूठ गए सपने भी टूट गए

खजाने में सिर्फ दो आंसू

जब याद आपकी आई तो वो भी लुट गई।

बंद आँखों में भी तुम यहाँ नज़र आती हो

बंद तमन्ना में भी तुम यह सहबती देती हो

हो तो गया यूं सिद्धत वाला प्यार तुमसे इस तरह

अब बस गले लग जाओ तुम इस तरह जैसे हम हैं तुम बिन अधूरे

बेरुकी सी हो गई जिंदगी तम्हरे बिना
रंग उड़ स ग्या इस खुशी का तम्हरे बिना

वक़्त ने वी इंतज़ार करना भूला दिया तुम्हारे बिना
कह गया ये जमाना ज़ालिम हो गया है सब तुम्हारे बिना

रह गया तो सिर्फ एक लाश सी जिंदगी तुम्हारे बिना
बस अब इंतज़ार है ख़ुशी का वो नहीं होता तुम्हरे बिना

खुदा ने चाहा तो हम मिल लेंगे

दुवाओ ने चाहा तो हम आपके साथ
कुछ हसीन लम्बे गुज़ार लेंगे

ऐ मोहब्बत तुह वी क्या सुनय गा मेरी दास्तान
ऐ मोहब्बत तुह वी क्या सुनय गा मेरी दास्तान

हम आख़िरे जमन थक उसके साथ चलेंगे।

पहाड़ बिना अधूरा है बादल

झरने बिना अधूरे है नदी

पेड़ो बिना अधूरे है इंसान

प्यार बिना अधूरा है जीना

वैसे हम अधूरे हैं तुम्हारे बिना

सोचते सोचते ये सफर बीत गया ,चलते चलते ये दर्द मिट गया ,गते गते ये छिक दब गया

फेर रह गया तो वो निसान ,जो सीने में आब वी चुभता है

ना मित्ता सखा वो म्ह्लाम, ना मित्ता सखा वो दुआ

ना मित्ता सखा वो सबाब

रह गया रह गया ,यूं ही रह गया

अब्ब मिट गई वो निसान

संग सरिर व मिट ग्या…


आपकी नयी सुबह इतनी सुहानी हो जाये

दुखों की सारी बातें आपकी पुरानी हो जाये

दे जाये इतनी खुशियाँ ये दिन

की ख़ुशी भी आपकी दीवानी हो जाये।

एह धरती तूने सब दिया फूल, दिया फल दिया एह धरती तूने सब दिया हवा दिए बारिश दिये एह धरती तूने सब दिया रंग दिया, सागर दिया एह धरती तूने शुभ प्रभात दिये, रात्रि दिये

एह धरती तुझे हमारे ट्रफ स शुभ शुभ प्रभात

तुम्हें हम छूना चाहते हैं
तुम्हें हम यूं बहो म लेना चाहते हैं

तुमसे तुम्हारे बारे में बाते करना चाहते हैं
तुम्हारे अदा को यूं निहारना चाहते हैं

क्या हुआ अगर वक्त ने नहीं दिया वक्त तुम्हारा
हम तुम्हारे साथ जिंदगी की वक्त गुजारना चाहते हैं

मोहब्बत वी तुम्ही हो
इबादत वी तुम्ही हो
चाहत वी तुम्ही हो

दिल से बजे तार की धुन वी तुम्ही हो
दिल के धरा की रानी वी तुम्ही हो

हो सके तो हमें तुमसे जुड़ो
क्योंकि मेरी जान वी तुम्ही हो

मुझे क्या खबर थी की
मुझे तुमसे इतनी मोहब्बत हो जायेगी

मुझे तो बस तुम्हारा मुस्कुराना अच्छा लगा था

ना दिल होता
ना दिल रोता
ना दिल से दिल जुदा होता

ना दिल होता
ना दिल रोता
ना दिल से दिल जुदा होता

ना तुम इतने हसीन होते
ना तुमपे दिल फ़िदा होता

बहुत वक़्त लगा हमें आप तक आने में,

बहुत फरियाद की खुदा से आपको पाने में,

कभी तुम यह दिल तोड़कर मत जाना,

हमने उम्र लगा दी आप जैसा सनम पाने में

तेरे सीने से लगकर तेरी आरजू बन जाऊँ,

तेरी साँसो से मिलकर तेरी खुश्बू बन जाऊँ,

फासले ना रहें कोई तेरे मेरे दरमिआँ,

मैं…मैं ना रहूँ, बस तू ही तू बन जाऊँ

कोई कहता है प्यार नशा बन जाता है,

कोई कहता है प्यार सज़ा बन जाता है,

पर प्यार करो अगर सच्चे दिल से,

तो प्यार जीने की वजह बन जाता है

होश में मेरा शरीर तो जिंदा है हम

सुनते हैं तुम्हारी तो जिंदा हैं हम

मोहब्बत है तुमसे तो जिंदा है हम

फासले ना रहे तो तेरे मेरे दरमियान तो जिंदा हैं हम
तुम्हें देख ले तो जिंदा हैं हम

तुम्हें यूं निहार ले तो जिंदा हैं हम

जिंदगी यूं बिठा लिया तुम्हारे साथ तो
तो सदियाँ जी लिए हम

आब वो मिजाज़ वैसा कहा
आब वो कशिश वैसी कहा
अब प्यार वैसा कहा
अब स्वाद वैसा कहा

वक्त के साथ सब बदल गए
पुराणे भुला दिये गये

नये का आना जाना रहा
हम कहीं कोने में दफन हो गए

यकीन नहीं तो आज़मा के देख ले,

एक बार मुस्कुरा के देख ले,

जो ना सोचा होगा वो मिलेगा तुझको भी,

एक बार कदम बढ़ा के देख ले

सफर वही तक जहाँ तक तुम हो,
नज़र वही तक जहाँ तक तुम हो,
वैसे तो हज़ारों फूल खिलतें हैं गुलशन में मगर,
खुशबू वही तक जहाँ तक तुम हो।

अजीब तरह से गुजर गयी मेरी भी जिंदगी, सोचा कुछ, किया कुछ, हुआ कुछ, मिला कुछ

जीवन में जो कुछ भी काम किए हैं, उनके परिणाम इसी जीवन में सामने आएंगे और जो होना है वो तो होकर ही रहेगा। 

ज़िन्दगी सिर्फ मोहब्बत नहीं कुछ और भी है,
ज़ुल्फ़-ओ-रुखसार की जन्नत नहीं कुछ और भी है,
भूख और प्यास की मारी हुई इस दुनिया में,
इश्क ही इक हकीकत नहीं कुछ और भी है।

खुल के जियो किसी
के दबाव में मत जइयो

अपने से प्यार करो
औरों से प्यार करना
बेकार है इस दुनिया में

जिंदगी से कुछ सीखो दोस्तों बहुत कुछ सिखाती है,
अब जिंदगी में कुछ खास नहीं रहा तो क्या हुआ,
थोड़ा धिरज रख्खो ये अच्छा बुरा हर मोड़ दिखती है।

न जाने कौन सी शोहरत पर आदमी को नाज है,

जबकि आखरी सफर के लिए भी आदमी औरों का मोहताज है 

बड़े ही अजीब हैं ये ज़िन्दगी के रास्ते,
अनजाने मोड़ पर कुछ लोग अपने बन जाते हैं,
मिलने की खुशी दें या न दें,
मगर बिछड़ने का गम ज़रूर दे जाते हैं।

कल शाम की बात थी वो मेरे नज़र के सामने यूं आ गई
कल शाम की बात थी मौसम ने वी करवाटेन लिए थी
कल शाम की बात थी वक्त वी थाम गया था
कल शाम की बात थी वो मेरे नज़र के सामने यूं आ गई

पहले भी जीते थे, मगर जब से मिली है जिंदगी,
सीधी नहीं है, दूर तक उलझी है जिंदगी,
अच्छी भली थी दूर से, जब पास आई खो गई,
जिसमें न आए कुछ नजर वो रोशनी है जिंदगी।

हद-ए-शहर से निकली तो गाँव गाँव चली,
कुछ यादें मेरे संग पाँव पाँव चली,
सफ़र जो धूप का किया तो तजुर्बा हुआ,
वो ज़िन्दगी ही क्या जो छाँव-छाँव चली

फूल बनकर मुस्कुराना जिन्दगी,

मुस्कुरा के गम भुलाना जिन्दगी,

जीत कर कोई खुश हो तो क्या हुआ,

हार कर खुशियाँ मनाना भी जिन्दगी

बड़े ही अजीब हैं ये ज़िन्दगी के रास्ते,
अनजाने मोड़ पर कुछ लोग अपने बन जाते हैं,
मिलने की खुशी दें या न दें,
मगर बिछड़ने का गम ज़रूर दे जाते हैं।